शनिवार, 25 अप्रैल 2026

शर्मनाक! कटनी जिला अस्पताल में इंसानियत शर्मसार: घायल मरीज तड़पता रहा, परिजनों से धुलवाई 108 एंबुलेंस

कटनी। जिला अस्पताल कटनी से बीती रात स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता उजागर करने वाला शर्मनाक मामला सामने आया है। हादसे में घायल मरीज को लेकर पहुंची 108 एंबुलेंस के कर्मचारी ने मानवता को ताक पर रख दिया। आरोप है कि गंभीर घायल मरीज की चिंता छोड़ उसके परिजनों से ही एंबुलेंस धुलवाई गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।

जानकारी के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल राहुल बर्मन (32) निवासी करेला, बरही कटनी को 108 एंबुलेंस वाहन क्रमांक CG 04 NV 6385 से जिला अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया। आरोप है कि इसी दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद 108 एंबुलेंस के MT मोहित नामक व्यक्ति ने मरीज के परिजनों से वाहन पर पानी डलवाकर सफाई करवाई। वायरल वीडियो में  मोहित नामक  व्यक्ति मौके पर मौजूद दिखाई दे रहा है।


विडिओ वायरल होने के बाद से ही लोगों में भारी आक्रोश है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब जिला अस्पताल में घायल मरीज के साथ आए परिजन इलाज करवाएं या एंबुलेंस साफ करें? क्या आपातकालीन सेवा के नाम पर जनता से यही व्यवहार किया जाएगा?

108 जैसी जीवनरक्षक सेवा पर इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिम्मेदार कर्मचारी पर कार्रवाई होगी या फिर मामला दबा दिया जाएगा, इस पर सबकी नजर टिकी है।

कटनी जिला अस्पताल की यह तस्वीर सिर्फ शर्मनाक नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर करारा तमाचा है।

हाईवे पर ‘अंधी हत्या’ का सनसनीखेज खुलासा: लिफ्ट मांगकर ट्रक में बैठे, शराब पी और फिर व्हील पाना से उतार दिया मौत के घाट

कटनी। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर खून से लथपथ हालत में मिले ट्रक चालक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस जांच में सामने आया कि चालक ने रास्ते में तीन युवकों को लिफ्ट दी थी, जिन्होंने पहले साथ बैठकर शराब पी और फिर रुपए मांगने लगे। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने चालक पर हमला कर दिया और व्हील पाना से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुदेश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले का खुलासा किया।

हाईवे पर वाहन में मिला था शव

पुलिस के अनुसार 10-11 अप्रैल की दरमियानी रात डायल-112 पर सूचना मिली थी कि छपरा नेशनल हाईवे रोड पर वाहन क्रमांक MP 20 GA 6242 में एक व्यक्ति खून से लथपथ हालत में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान राकेश दाहिया (42) निवासी खितौला, सिहोरा जबलपुर के रूप में हुई, जो पेशे से चालक था।

CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज

थाना स्लीमनाबाद पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ मौके से साक्ष्य जुटाए, परिजनों और वाहन मालिक से पूछताछ की तथा विभिन्न स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले। जांच के दौरान संदेहियों की पहचान हुई।

22 अप्रैल को मुखबिर सूचना पर पुलिस ने रोहित कोल (21) निवासी ग्राम बंधी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपने साथी अमन चौबे उर्फ पंकज उर्फ भूत (22) और एक अन्य साथी मनोज के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

लिफ्ट देने की कीमत जान देकर चुकाई

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे चालक से लिफ्ट लेकर वाहन में बैठे थे। रास्ते में शराब पी और फिर पैसे मांगने लगे। चालक द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर तीनों ने हाथ-मुक्कों और व्हील पाना से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

हथियार और मोबाइल जब्त

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त व्हील पाना तथा मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।

इंद्रानगर कांड पर भड़का जनाक्रोश: पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम, नहीं तो सड़कों पर होगा निर्णायक संग्राम

कटनी। इंद्रानगर बारात कांड ने अब विस्फोटक रूप ले लिया है। शादी समारोह में बारातियों, महिलाओं और मासूम बच्चों पर कथित लाठीचार्ज और बर्बर मारपीट के बाद जिलेभर में गुस्सा उबाल पर है। पीड़ित पक्ष और सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 72 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है।

साफ चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा में दोषी पुलिसकर्मियों और सिविल ड्रेस में शामिल हमलावरों पर FIR दर्ज नहीं हुई, तो कटनी की सड़कों पर बड़ा जनआंदोलन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।

शादी में घुसी खाकी, टूटी इंसानियत

आरोप है कि इंद्रानगर में चल रहे शादी समारोह में पुलिस ने बिना ठोस कारण धावा बोल दिया और बारातियों पर लाठियां बरसा दीं। इस दौरान महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग तक नहीं बख्शे गए। कई लोग घायल हुए, तो कई अस्पताल पहुंचाए गए।

जिस घर में शहनाई बजनी थी, वहां चीख-पुकार गूंज उठी। जिलेभर में यह सवाल गूंज रहा है कि क्या अब बारात निकालना भी अपराध हो गया है?

SC/ST एक्ट में केस दर्ज करने की मांग

आक्रोशित नागरिकों ने मांग की है कि घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर SC/ST एक्ट, मारपीट और मानवाधिकार हनन की धाराओं में तत्काल अपराध दर्ज किया जाए। साथ ही सिविल ड्रेस में मारपीट करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाए।

27 अप्रैल को निर्णायक आंदोलन

ज्ञापन में साफ कहा गया है कि यदि 26 अप्रैल तक न्याय नहीं मिला तो 27 अप्रैल दोपहर 3 बजे जिला मुख्यालय पर उग्र धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। आंदोलन में सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की बड़ी भागीदारी की तैयारी है।

सवालों के घेरे में पुलिस कप्तानी

घटना के बाद अब पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या दोषियों को बचाया जा रहा है? क्या सिर्फ लाइन अटैच कर मामला ठंडा करने की कोशिश हो रही है? जनता जवाब मांग रही है।

अब फैसला प्रशासन के हाथ

इंद्रानगर कांड अब प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा बन चुका है। या तो दोषियों पर कार्रवाई होगी, या फिर कटनी में जनआक्रोश सड़कों पर उतरकर जवाब मांगेगा।

गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

इंद्रानगर कांड पर अजाक्स का फूटा गुस्सा: एसपी को अल्टीमेटम, पुलिस और ‘सिविल ड्रेस गुंडों’ पर FIR की मांग

कटनी।
इंद्रानगर में शादी समारोह के दौरान बारातियों पर कथित लाठीचार्ज और बर्बर मारपीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। अजाक्स संगठन ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने पुलिस अधीक्षक की अनुपस्थिति में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर संबंधित पुलिसकर्मियों और सिविल ड्रेस में मौजूद आरोपियों पर तत्काल अपराध दर्ज करने की मांग की है।

अजाक्स जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह धुर्वे ने आरोप लगाया कि अमदरा से अनुसूचित जाति परिवार की आई बारात पर पुलिस और कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें 14 से 15 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं, पुरुष और नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। घायलों का उपचार सिविल अस्पताल में जारी है।

उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा बिना ठोस कारण लाठीचार्ज किया गया, जिससे कई निर्दोष लोगों को गंभीर चोटें आईं, हाथ तक फ्रैक्चर हो गए और शादी का माहौल दहशत में बदल गया। इस घटना से पूरे समाज में भय और आक्रोश का माहौल है।


अजाक्स की दो टूक मांगें

संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • सिविल ड्रेस में मारपीट करने वालों की पहचान कर तत्काल FIR दर्ज हो
  • लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए
  • लाइन अटैच किए गए पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए
  • पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
  • पीड़ित पक्ष पर दर्ज प्रकरण वापस लिया जाए


आंदोलन की चेतावनी

अजाक्स ने साफ कहा है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करेगा। साथ ही मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, मध्यप्रदेश शासन और भारत सरकार तक पहुंचाई जाएगी।


पुलिस पर गंभीर सवाल

घटना के बाद पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष राहुल चौधरी एवं अन्य पर मुकदमा दर्ज किए जाने को अजाक्स ने “दूषित मानसिकता” करार दिया है। संगठन का कहना है कि मार खाने वाले ही आरोपी बना दिए गए, जो न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

कटनी में बैंकों को पुलिस की दो टूक: सुरक्षा दुरुस्त करो, नहीं तो होगी जवाबदेही तय

कटनी। जिले में बढ़ते अपराधों और बैंकिंग संस्थानों पर मंडराते खतरे के बीच पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी बैंक शाखा प्रबंधकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों की हाई लेवल बैठक बुलाई। बैठक में साफ संदेश दिया गया—बैंक सुरक्षा में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।

हाल के समय में लूट, डकैती और ठगी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने बैंक प्रबंधन को चेताया कि जनता की गाढ़ी कमाई की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी चूक की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाएगी।

सख्त निर्देश, तुरंत अमल के आदेश

🔴 हर बैंक में पर्याप्त रोशनी और चौकस सुरक्षा इंतजाम हों।
🔴 सीसीटीवी कैमरे सिर्फ दिखावे के नहीं, चालू हालत में मिलें।
🔴 पैनिक बटन और अलार्म सिस्टम हर समय एक्टिव रहें।
🔴 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर अनिवार्य रूप से चालू रहे।
🔴 संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखी जाए।
🔴 सुरक्षा ऑडिट और मॉनिटरिंग नियमित हो।
🔴 जीपीएस सिस्टम और मॉक ड्रिल से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।

पुलिस-बैंक समन्वय पर जोर

एसपी ने कहा कि अपराधियों से निपटने के लिए बैंक और पुलिस के बीच तेज समन्वय जरूरी है। सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई हो, ताकि किसी भी वारदात को होने से पहले रोका जा सके।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया, जिलेभर के बैंक मैनेजर और प्रतिनिधि मौजूद रहे!

खाकी और माइनिंग के नाम पर 'फर्जीवाड़ा': कटनी के गर्ग चौराहे पर आधी रात को वसूली का नंगा नाच!

बेखौफ लुटेरे: शहर के बीचों-बीच फर्जी अफसर बन ट्रक रोका, 35 हजार की डिमांड; कारोबारी से अभद्रता कर दी थाने ले जाने की धौंस

कटनी। संस्कारधानी कटनी में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और प्रशासन की सतर्कता पर कालिख पोत दी है। शहर के सबसे व्यस्ततम गर्ग चौराहे पर आधी रात को कुछ रसूखदार युवकों ने खुद को माइनिंग विभाग का बड़ा अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर रेत से भरे ट्रकों को न केवल रोका, बल्कि कार्रवाई का डर दिखाकर **35 हजार रुपए** की अवैध वसूली की मांग कर डाली।

वर्दी की धौंस और वसूली का 'शॉर्टकट'

रविवार की रात करीब 12:30 बजे जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तब गर्ग चौराहे पर 'फर्जी सिंघम' सक्रिय थे। मैहर की ओर से आ रहे एक 10 चक्का हाइवा को इन युवकों ने बीच सड़क पर रोक लिया। खुद को माइनिंग विभाग का सर्वेयर बताते हुए आरोपियों ने ओवरलोडिंग और टीपी (TP) जांच के नाम पर ट्रक चालक को धमकाना शुरू किया। जब चालक डरा नहीं, तो आरोपियों ने अपनी औकात बदलते हुए सीधे 35 हजार रुपए की मांग रख दी।

कारोबारी पहुंचे तो दिखाया 'सिपाही' का रौब

सूचना मिलते ही जब खनिज कारोबारी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की, तो इन युवकों की गुंडागर्दी और बढ़ गई। इनमें से एक युवक, जिसका नाम अंकुश शुक्ला बताया जा रहा है, उसने खुद को कोतवाली थाने का सिपाही बताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपियों ने खुलेआम चुनौती दी कि "गाड़ी तो थाने जाएगी और केस भी बड़ा बनेगा।"

माइनिंग विभाग के जवाब ने उड़ाई नींद

मामला तब और गंभीर हो गया जब कारोबारियों ने तुरंत माइनिंग विभाग के असली अधिकारियों को फोन लगाया। विभाग से जवाब मिला— "हमारा कोई भी दल रात में चेकिंग पर नहीं है।" इस जवाब ने साफ कर दिया कि कटनी की सड़कों पर फर्जी अफसरों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो पुलिस और माइनिंग के नाम पर सरेआम लूट मचा रहा है।

शहर के बीचों-बीच आतंक, क्या पुलिस सो रही थी?

सवाल यह उठता है कि शहर के मुख्य चौराहे पर, जहाँ पुलिस की गश्त का दावा किया जाता है, वहाँ आधे घंटे तक फर्जी अफसर वसूली करते रहे और असली पुलिस को भनक तक नहीं लगी? ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि यह गिरोह कई दिनों से सक्रिय है और कई ट्रक चालकों से हजारों रुपए ऐंठ चुका है।

जांच में जुटी पुलिस: अब एक्शन का इंतज़ार

खनिज कारोबारियों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की घेराबंदी की जा रही है। लेकिन इस घटना ने शहर के व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों में भारी दहशत पैदा कर दी है।


चंद बकायेदारों की सजा पूरे गांव को: पौड़ी पड़रिया में 3 दिन से ब्लैकआउट, गर्मी-प्यास से बेहाल ग्रामीण

बिजली विभाग की मनमानी! ईमानदार उपभोक्ताओं पर भी गिरी गाज, आंदोलन की चेतावनी

कटनी (कन्हवारा)। भीषण गर्मी के बीच जहां सरकार राहत के दावे कर रही है, वहीं कटनी जिले की मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पौड़ी पड़रिया में बिजली विभाग की कथित तानाशाही ने ग्रामीणों की जिंदगी अंधेरे में धकेल दी है। गांव में पिछले तीन दिनों से बिजली सप्लाई ठप है। आरोप है कि कुछ बकायेदारों से वसूली करने के बजाय पूरे गांव की लाइन काट दी गई।

गर्मी और जल संकट से त्राहिमाम

लगातार बिजली बंद रहने से गांव की नल-जल योजना प्रभावित हो गई है। पीने के पानी के लिए महिलाएं परेशान हैं, बच्चे उमस और गर्मी में बिलबिला रहे हैं, बुजुर्ग रातभर जागने को मजबूर हैं। पशुधन भी पानी और पंखे के अभाव में परेशान है।

जिन्होंने बिल भरा, उन्हें भी सजा क्यों?

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई परिवार नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं, फिर भी उन्हें बिना किसी गलती के सजा दी जा रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग चंद बकायेदारों पर कार्रवाई करने में असफल होकर पूरे गांव को प्रताड़ित कर रहा है?

ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

आक्रोशित ग्रामीणों ने मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कटनी को लिखित आवेदन देकर मांग की है कि जिन लोगों का बिल बकाया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन पूरे गांव की बिजली तत्काल बहाल की जाए।

चेतावनी: नहीं सुधरे हालात तो होगा आंदोलन

ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द बिजली चालू नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

जनता पूछ रही सवाल

क्या बिजली विभाग वसूली के नाम पर सामूहिक दंड दे रहा है? क्या ईमानदार उपभोक्ताओं के अधिकारों की कोई कीमत नहीं? अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह ग्रामीणों को राहत देता है या नहीं।

बुधवार, 22 अप्रैल 2026

जल गंगा संवर्धन अभियान को जन-आंदोलन बनाने का निर्देश, कलेक्टर ने अफसरों की ली क्लास

कटनी। जिले में जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने साफ शब्दों में कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन-आंदोलन बनना चाहिए। इसके लिए सभी विभाग तय लक्ष्यों के अनुसार काम करें और जमीनी स्तर पर परिणाम दें।

बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कई विभागों की प्रगति पर नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी गतिविधियों की जानकारी एकीकृत डैशबोर्ड में तत्काल दर्ज कराएं।

कलेक्टर ने वन विभाग को तालाब और सोंसर निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण कराने, उच्च शिक्षा विभाग को नए कॉलेज भवनों में शत-प्रतिशत रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। वहीं उद्यानिकी विभाग को पौधारोपण और फलदार पौधों के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।

उद्योग विभाग को कम से कम 10 औद्योगिक इकाइयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराने और प्लांटेशन कार्य तेज करने की ताकीद की गई। पीएचई विभाग को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 अप्रैल तक वॉटर टेस्टिंग लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश मिले।

स्कूल शिक्षा विभाग को सभी स्कूलों की पानी की टंकियों की शत-प्रतिशत सफाई कराने के निर्देश दिए गए। वहीं नगरीय निकायों को युवाओं को अमृत मित्र बनाकर माय भारत पोर्टल पर पंजीयन कराने, नाले-नालियों की सफाई, प्याऊ स्थापना, सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्र विकास के कामों में तेजी लाने को कहा गया।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार, वन मंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्रा सहित अन्य अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

कलेक्टर ने साफ संकेत दिए कि जल संरक्षण में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी और हर विभाग को तय समय में लक्ष्य पूरा करना ही होगा।

कटनी पुलिस महकमे में हड़कंप: SP ने लगाई अफसरों की क्लास, लंबित मामलों पर जुर्माना

कटनी। जिले में बढ़ते अपराध और लंबित प्रकरणों को लेकर पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में जिलेभर के थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों की कड़ी समीक्षा बैठक ली। बैठक में अपराध नियंत्रण, विवेचना की रफ्तार और कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई गई।

पुलिस अधीक्षक ने संपत्ति संबंधी अपराधों में बरामदगी प्रतिशत, अपराध निकाल, बाउंड ओवर कार्रवाई, ऑपरेशन मुस्कान और ऑपरेशन शिकंजा की प्रगति रिपोर्ट तलब की। साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की समीक्षा करते हुए सख्ती बरतने के निर्देश दिए।

सबसे ज्यादा नाराजगी लंबित अपराधों को लेकर देखने को मिली। जिन विवेचकों ने समय सीमा पूरी होने के बावजूद मामलों का निराकरण नहीं किया, उन पर 500-500 रुपये का अर्थदंड ठोका गया। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी पुलिस अधीक्षक ने नाराजगी जताई और कहा कि जनता की शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर त्वरित, संतोषजनक और पूर्ण समाधान किया जाए।

महिला अपराधों पर सख्त तेवर दिखाते हुए निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में तत्काल विवेचना पूरी कर समय सीमा में चालान न्यायालय में पेश किया जाए।

इसके अलावा जिले के गुंडा, बदमाश और निगरानी सूची के अपराधियों की नियमित चेकिंग कर उनकी हर गतिविधि पर नजर रखने के आदेश दिए गए।

बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा, अपराध नियंत्रण में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।

कटनी में शादी बनी संग्रामभूमि, महिलाओं-बच्चों से मारपीट का आरोप, एससी/एसटी थाने में शिकायत, दलित परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

कटनी। इंद्रानगर में शादी की खुशियां मातम में बदलने के बाद मामला अब और तूल पकड़ गया है। दलित परिवार ने खाकी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण थाना पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी है। परिवार का आरोप है कि शादी समारोह के बीच पुलिसकर्मी घर में घुसे, जातिसूचक गालियां दीं और महिलाओं-बच्चों तक को नहीं बख्शा।


शिकायतकर्ता सुमन चौधरी ने आवेदन में कहा है कि 20 अप्रैल की रात बहन का विवाह समारोह चल रहा था, बारात दरवाजे पर थी, तभी पुलिसकर्मी और कुछ अन्य लोग दबिश देते हुए पहुंचे और लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए हंगामे से शादी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।


परिवार का दावा है कि घर के अंदर मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक को पीटा गया। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और बेइज्जत करने के आरोप भी लगाए गए हैं। आवेदन में कई पुलिसकर्मियों के नाम दर्ज कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

पीड़ित पक्ष ने कहा कि घटना के वीडियो भी मौजूद हैं, जो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने ला सकते हैं। परिवार ने आरोपियों पर एससी/एसटी एक्ट, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

यह मामला सामने आने के बाद कटनी पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शादी समारोह में अगर वर्दी का डंडा चला है, तो जवाबदेही तय होना तय माना जा रहा है। अब नजर प्रशासन पर है कि वह शिकायत को दबाता है या दोषियों पर कानून का डंडा चलाता है।

कटनी में खाकी का इकबाल खत्म! अपराधी बेलगाम, कप्तान के फरमान बेअसर


लाइन हाजिर बना पिकनिक, सेटिंग के खेल में कानून व्यवस्था स्वाहा

कटनी। जिले में पुलिस कप्तान बदलने के साथ जिस सख्ती और सुधार की उम्मीद जगी थी, वह अब धुंधली पड़ चुकी है। हालात यह हैं कि कटनी की कानून व्यवस्था इस समय वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। अपराधियों में खाकी का खौफ खत्म हो चुका है, जबकि आम जनता पुलिसिया कार्यशैली से सहमी हुई है। कप्तान के आदेश कागजों पर गरजते हैं, लेकिन जमीन पर मातहतों की मनमानी और जुगाड़ तंत्र हावी है।

लाइन अटैचमेंट: सजा या मलाईदार पोस्टिंग का ब्रेक?

जिले में “लाइन अटैच” की कार्रवाई अब मजाक बन चुकी है। किसी विवाद या शिकायत के बाद अधीनस्थों को लाइन भेज दिया जाता है, लेकिन यह सजा नहीं बल्कि कुछ दिनों की औपचारिक छुट्टी साबित हो रही है। चंद दिनों बाद वही अधिकारी फिर किसी मलाईदार थाने या चौकी में तैनात नजर आते हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या कार्रवाई सुधार के लिए होती है या सिर्फ जनता का गुस्सा शांत करने के लिए?

चाकूबाजी, हत्या और अवैध कारोबार से थर्राया जिला

कटनी में चाकूबाजी, मारपीट, सट्टा, अवैध शराब, चोरी और हत्या जैसे मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। दूसरी तरफ पुलिस की सख्ती का निशाना अक्सर आम नागरिक बन रहे हैं। चालानी कार्रवाई और छोटी-मोटी धरपकड़ में व्यस्त सिस्टम बड़े अपराधियों पर ढीला नजर आता है।

अनुशासन पर भारी सिफारिश का दबाव

पुलिस विभाग का अनुशासन रसूखदारों की सिफारिशों के नीचे दबता दिख रहा है। जब विभाग के भीतर ही सजा का डर नहीं बचेगा, तो सड़कों पर गुंडागर्दी करने वालों को कानून का खौफ कौन दिखाएगा? जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या पूरा सिस्टम अब जुगाड़ और सेटिंग के भरोसे चल रहा है?

जनता के सवाल, प्रशासन के लिए चुनौती

  • दिखावटी कार्रवाई: लाइन हाजिर कर वाहवाही, फिर कुछ दिन बाद बहाली।
  • आम आदमी पर सख्ती: बदमाश खुले घूम रहे, जनता पर रौब जारी।
  • ढहती व्यवस्था: कप्तान बदले, लेकिन थानों का ढर्रा जस का तस।
  • कमजोर खाकी: अपराधियों में डर खत्म, जनता में भरोसा खत्म।

कटनीवासियों का कहना है कि अब कागजी कार्रवाई नहीं, जमीनी पुलिसिंग चाहिए। जिले को सेटिंग वाली व्यवस्था नहीं, सुरक्षा देने वाली सख्त और निष्पक्ष खाकी चाहिए। अगर यही हाल रहा, तो कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल और तेज होंगे।

मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

कटनी पुलिस की किरकिरी: शादी समारोह में विवाद के बाद दो उपनिरीक्षक लाइन अटैच, जांच के आदेश

कटनी। इंदिरा नगर में एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने कटनी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में प्रथम दृष्टया अनुचित आचरण पाए जाने पर थाना कोतवाली व कुठला क्षेत्र में पदस्थ दो उपनिरीक्षक सौरभ सोनी और सिद्धार्थ राय को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है।

कटनी पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को इंदिरा नगर में शादी समारोह के दौरान विवाद की स्थिति बनी थी। घटनाक्रम सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रारंभिक स्तर पर दोनों अधिकारियों के व्यवहार को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की है।


मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए प्राथमिक जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

इस घटना के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का कहना है कि शादी जैसे खुशी के मौके पर पुलिस की दखलअंदाजी और कथित अभद्र व्यवहार ने पूरे विभाग की छवि धूमिल कर दी है।

अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर इंदिरा नगर के शादी समारोह में ऐसा क्या हुआ, जिसके चलते दो पुलिस अधिकारियों पर तत्काल गाज गिर गई।

कटनी में शादी समारोह बना रणक्षेत्र: पुलिस की लाठियों से दहली बारात, दूल्हा-दुल्हन तक को थाने ले जाने का आरोप

कटनी। शहर के कुछला थाना क्षेत्र अंतर्गत इंद्रानगर इलाके में चौधरी समाज की शादी उस वक्त मातम में बदल गई, जब अमदरा से आई बारात में कुछ बारातियों और पुलिस के बीच कहासुनी के बाद माहौल अचानक हिंसक हो गया। आरोप है कि मामूली विवाद पर पुलिस ने बारातियों ही नहीं, घरातियों पर भी जमकर लाठियां बरसाईं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारात में शामिल कुछ लोग नशे की हालत में थे। इसी दौरान पुलिस पहुंची और कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, महिलाएं चीखती रहीं, बच्चे सहम गए और शादी का पंडाल रणक्षेत्र में बदल गया।


सबसे गंभीर आरोप लड़की पक्ष की ओर से लगाया गया है। लड़की के भाई का कहना है कि पुलिस दूल्हा, दुल्हन और उसे जबरन उठाकर थाने ले गई, जिसके चलते शादी की रस्में पूरी नहीं हो सकीं। परिवार का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई ने एक खुशियों भरे घर को बर्बादी में बदल दिया।

मारपीट में घायल वर और वधू पक्ष के कई लोग न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मेडिकल परीक्षण और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर शादी समारोह में कानून व्यवस्था संभालने पहुंची पुलिस ने हालात काबू करने के बजाय लाठी क्यों चलाई?

अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन पर टिकी है कि इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा।

रविवार, 19 अप्रैल 2026

एनकेजे पुलिस का बड़ा खुलासा: 36 घंटे में सुलझी ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री , शारीरिक संबंध का झांसा देकर बुलाया, फिर कर दी हत्या

कटनी। एनकेजे थाना क्षेत्र के प्रेमनगर स्थित काली मंदिर के पास मिले युवक की रहस्यमयी हत्या का पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया। मामले में पुलिस ने पति-पत्नी और साले को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने युवक को प्रेमजाल में फंसाकर बुलाया, फिर पैसे की मांग कर चाकू, डंडे और मुक्कों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया एवं सीएसपी रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में एनकेजे थाना प्रभारी रूपेंद्र राजपूत के नेतृत्व में गठित टीम ने इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाई।

खून से लथपथ मिला था युवक

17 अप्रैल को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि प्रेमनगर काली मंदिर के पास एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा है। पुलिस ने तत्काल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान प्रदीप साहू (23), निवासी पहरिया थाना बड़वारा के रूप में हुई।

CCTV फुटेज से खुला राज

घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में युवक को पास के एक मकान से अधमरी हालत में निकलते देखा गया। पुलिस ने मकान मालिकों से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया।


महिला ने बुलाया, फिर रची मौत की पटकथा

जांच में सामने आया कि आरोपी शिवानी जायसवाल ने मृतक प्रदीप साहू को फोन कर प्रेमनगर बुलाया। उसे शारीरिक संबंध बनाने का झांसा देकर एक मकान के कमरे में ले जाया गया। पहले से तय योजना के तहत शिवानी का पति विपिन दुबे और भाई मनीष जायसवाल कमरे में पहुंचे और प्रदीप से पैसों की मांग करने लगे।

पैसे नहीं देने पर तीनों ने मिलकर युवक पर चाकू, डंडे और मुक्कों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रदीप किसी तरह बाहर निकला, लेकिन कुछ दूर जाकर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।

तीनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने दबिश देकर शिवानी जायसवाल को घर से तथा विपिन दुबे और मनीष जायसवाल को नदी किनारे छिपे ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे का चाकू और डंडा भी बरामद कर लिया है।

पुलिस टीम की सराहना

हत्या जैसे गंभीर मामले का 36 घंटे में खुलासा करने पर थाना प्रभारी रूपेंद्र राजपूत, उप निरीक्षक अरुण पाल सिंह, नरेश झारिया, सहित पूरी पुलिस टीम और साइबर सेल के अमित श्रीपाल एवं शुभम गुप्ता की सराहनीय भूमिका रही।

शनिवार, 18 अप्रैल 2026

हाईवे पर थार की जोरदार टक्कर से युवक घायल , झिंझरी चौकी प्रभारी राजेश दुबे ने स्टाफ सहित पहुंचकर घायल को पहुंचाया अस्पताल

कटनी। माधवनगर थाना अंतर्गत झिंझरी चौकी क्षेत्र में हाईवे मार्ग पर अग्रवाल ढाबा के सामने तेज रफ्तार थार वाहन की जोरदार टक्कर से एक युवक घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब युवक सड़क पार कर रहा था। टक्कर लगते ही युवक सड़क पर गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


घटना की सूचना मिलते ही झिंझरी चौकी प्रभारी राजेश दुबे अपने स्टाफ सहित तत्काल मौके पर पहुंचे और सक्रियता दिखाते हुए घायल युवक को बिना देर किए शासकीय अस्पताल भिजवाया, जहां उसका उपचार जारी है।

स्थानीय लोगों ने चौकी प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ की तत्परता की सराहना की है। वहीं पुलिस ने वाहन चालक और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

इंद्राना कापा में परम पूज्य स्वामी श्री सीताशरण जी महाराज के सान्निध्य में 20 अप्रैल से होगा 108 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ

जबलपुर - मझौली क्षेत्र के इंद्राना कापा में आज 20 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक भव्य 108 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीराम कथा का शुभारंभ होने जा रहा है। धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रीराम महायज्ञ होगा, वहीं शाम 4 बजे से 7 बजे तक श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही अखंड श्री सीताराम नाम संकीर्तन भी लगातार चलता रहेगा।

कार्यक्रम में परम पूज्य स्वामी श्री सीताशरण जी महाराज के सान्निध्य में श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों का संदेश दिया जाएगा।

आयोजन समिति ने आसपास के ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

जनता की नजर में एनकेजे थाना नंबर वन, जनसंतुष्टि रैंकिंग में मारी बाजी बहोरीबंद, विजयराघवगढ़ और बरही थाने फिसड्डी, सेवा गुणवत्ता पर उठे सवाल

कटनी। जिले में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए कटनी पुलिस ने माह मार्च 2026 की जनसंतुष्टि आधारित थाना रैंकिंग जारी कर दी है। इस रैंकिंग में जहां बेहतर कार्यप्रणाली वाले थाने सामने आए हैं, वहीं कमजोर प्रदर्शन करने वाले थानों की भी पोल खुल गई है।

पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, थाना एनकेजे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। यहां 92 फीडबैक में से 91.04% नागरिक संतुष्ट पाए गए। दूसरे स्थान पर थाना कुठला रहा, जहां 89.74% संतुष्टि दर्ज की गई, जबकि थाना स्लीमनाबाद 89.06% संतुष्टि के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

यह रैंकिंग थानों में आने वाले फरियादियों और आम नागरिकों के सीधे फीडबैक पर आधारित है। आगंतुक रजिस्टर में दर्ज टिप्पणियों और डिजिटल स्कैनर के जरिए प्राप्त ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं को शामिल किया गया। इतना ही नहीं, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने क्रॉस कॉलिंग कर फीडबैक की पुष्टि भी की।

वहीं, सूची के निचले पायदान पर थाना बहोरीबंद, थाना विजयराघवगढ़ और थाना बरही रहे, जिनके प्रदर्शन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे आमजन से संवाद बेहतर करें और शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जनसंतुष्टि में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रविवार, 12 अप्रैल 2026

कटनी में मंदिर चोर गिरोह का भंडाफोड़, 5 वारदातों का खुलासा; लाखों के जेवर बरामद

कटनी, 12 अप्रैल 2026। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में मंदिरों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले शातिर गिरोह का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक विधि उल्लंघनकारी बालक को अभिरक्षा में लिया है। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। चोरी का माल खरीदने वाले सराफा कारोबारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 अप्रैल को हीरागंज स्थित दक्षिण मुखी काली मंदिर के पुजारी मयंक दुबे ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह पूजा के दौरान मंदिर से माता का चांदी का मुकुट, झुमका और सोने की नथ चोरी हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय ने तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की।

पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दो संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल से भागते हुए नजर आए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर 10 अप्रैल को प्रेमनगर क्षेत्र से एक संदेही को गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान प्रकाश दुबे उर्फ अभिषेक दुबे (20) के रूप में हुई।

पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कटनी और उमरिया जिले के विभिन्न मंदिरों में चोरी की पांच वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि चोरी का माल उमरिया निवासी राहुल उर्फ लालू सोनी को बेचा जाता था। पुलिस ने राहुल सोनी को भी गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सोने की नथ बरामद की।

इसके अलावा आरोपी के पिता कृष्ण कुमार दुबे तथा एक नाबालिग को भी मामले में शामिल पाया गया, जिन्हें हिरासत में लेकर अन्य चोरी का सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी मंदिर चोरी के 7 मामले दर्ज हैं।

इन मंदिरों में हुई चोरी का खुलासा
पुलिस जांच में उमरिया जिले के ज्वालामुखी माता मंदिर, ददरी हनुमान मंदिर तथा कटनी जिले के पड़रिया और पिपरौध स्थित दुर्गा मंदिर सहित कुल 5 मंदिरों में चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। इन वारदातों में सोने-चांदी के आभूषण और नगदी चोरी की गई थी।

पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय, चौकी प्रभारी खिरहनी फाटक उपनिरीक्षक किशोर कुमार द्विवेदी, सहायक उपनिरीक्षक रामेश्वर प्रसाद पटेल, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र तिवारी, आरक्षक अनिल सेंगर, वीरेन्द्र सिंह, पुष्राज सिंह, अजय प्रताप सिंह, अमित सिंह, उपेन्द्र सिंह, प्रवीण सिंह, दीपक तिवारी, मंसूर हुसैन, मोहन मण्डलोई, अजीत सिंह, चालक विकास राय, साइबर सेल से आरक्षक अजय शंकर साकेत तथा जिला उमरिया साइबर सेल से आरक्षक संदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, वहीं अन्य संबंधित मामलों की जानकारी संबंधित थानों को भेजी गई है।

कटनी में कानून बेबस!: बेटे पर हमले के बाद अब पिता पर चाकू से वार, आखिर कब जागेगी पुलिस?

कटनी। शहर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न कानून का डर है, न पुलिस का खौफ। ईमानदार पुलिस कप्तान की छवि के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि अपराधी खुलेआम खून बहा रहे हैं और सिस्टम मूकदर्शक बना हुआ है।

नदीपार इलाके में रविवार रात करीब 8 बजे एक बार फिर सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां कांग्रेस नेता रमेश अहिरवार (54) पर सूजल अहिरवार, ओम कचेर और दीपक कचेर ने पुरानी रंजिश के चलते जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और रमेश को लहूलुहान हालत में मौत के मुहाने पर छोड़कर फरार हो गए।

गंभीर रूप से घायल रमेश को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

लेकिन इस पूरे मामले का सबसे डरावना पहलू यह है कि यही आरोपी एक माह पहले रमेश के बेटे देवेंद्र अहिरवार पर भी हमला कर चुके थे। उस वक्त अगर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की होती, तो शायद आज यह दूसरी वारदात नहीं होती।


क्या पुलिस की लापरवाही ने अपराधियों को खुली छूट दे दी?
क्या पहले हमले के बाद कार्रवाई होती तो आज खून नहीं बहता?

इन सवालों के बीच नदीपार क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है।

स्थानीय लोग अब खुलकर कह रहे हैं—अगर अपराधियों पर समय रहते लगाम नहीं लगी, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है—

क्या इस बार अपराधियों पर सच में शिकंजा कसेगा, या फिर कटनी में अपराध यूं ही बेलगाम दौड़ता रहेगा?



कटनी में 163 बच्चों के साथ बड़ा मानव तस्करी मामला उजागर, 8 लोगों पर केस दर्ज

कटनी। जिले में मानव तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जीआरपी थाना कटनी ने 8 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। मामला उस समय उजागर हुआ जब पटना–पुणे एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे 163 बच्चों को संदेह के आधार पर आरपीएफ ने कटनी रेलवे स्टेशन पर उतारकर जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सभी बच्चे बिहार के अररिया जिले से लातूर स्थित एक मदरसे में भेजे जा रहे थे। बच्चों के पास पर्याप्त और स्पष्ट दस्तावेज नहीं पाए गए, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। इसके बाद पुलिस, बाल संरक्षण विभाग और अन्य एजेंसियों ने बच्चों की काउंसलिंग और दस्तावेजों की गहन जांच की।


जांच के बाद पूरे मामले को मानव तस्करी से जुड़ा मानते हुए जीआरपी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। सभी आरोपी बिहार के निवासी बताए जा रहे हैं।

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 80 बच्चों को कटनी के बाल आश्रय गृह में रखा गया है, जबकि 83 बच्चों को जबलपुर भेजा गया है। प्रशासन द्वारा सभी बच्चों की काउंसलिंग कराई जा रही है और उनके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है।

डीएसपी विजय गोठरिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कटनी में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है, वहीं पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित कड़ियों की भी तलाश में जुट गई है।

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कटनी। जिला अस्पताल कटनी से बीती रात स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता उजागर करने वाला शर्मनाक मामला सामने आया है। हादसे में घायल मरीज को ले...