पुलिस वाहन डायल 112 पर पथराव, कानून व्यवस्था को खुली चुनौती
कटनी। जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम खहरटा में बीती रात डायल 112 पुलिस वाहन पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया, जिससे वाहन का अगला शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हैरानी की बात यह है कि यह हमला उस वक्त किया गया, जब पुलिस टीम विवाद सुलझाकर शांति स्थापित कर वापस लौट रही थी।
घटना ने साफ कर दिया है कि पुलिस की तत्परता के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, और खाकी की मौजूदगी भी अब उन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
सिगरेट न मिलने पर बवाल, फिर खाकी पर हमला
जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत एक मामूली सिगरेट विवाद से हुई। स्थानीय किराना दुकानदार हरिहर गुप्ता ने बताया कि रात करीब 10 बजे, दुकान बंद होने के बाद अंकित बर्मन अपने साथियों के साथ सिगरेट मांगने पहुंचा। दुकान बंद होने की बात कहने पर युवक भड़क गए और शटर पर जोर-जोर से पीटने लगे। स्थिति बिगड़ती देख दुकानदार को खुद को दुकान के भीतर बंद करना पड़ा।
112 को बुलाया, फिर खुद ही पुलिस पर पत्थर बरसाए
सिगरेट न मिलने से बौखलाए अंकित बर्मन ने ही डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
लेकिन जैसे ही डायल 112 वाहन गांव से बाहर निकला, पहले से घात लगाए बैठे युवकों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया।
इस हमले में डायल 112 का अगला कांच चकनाचूर हो गया। गनीमत रही कि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।
तीन आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस पर हमले की सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह बड़वारा पुलिस ने गांव में दबिश देकर
🔹 लव सिंह
🔹 अंशुल सिंह
🔹 अंकित बर्मन
को हिरासत में ले लिया। तीनों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
थाना प्रभारी के.के. पटेल ने कहा कि, “पुलिस वाहन पर पथराव गंभीर अपराध है। घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
कॉम्बिंग गश्त पर सवाल, अपराधियों में बढ़ता दुस्साहस
सबसे बड़ा सवाल यह है कि रात्रि में जिलेभर में कॉम्बिंग गश्त और पुलिस की सड़कों पर मौजूदगी के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?
जब शांति बहाल कर लौट रही पुलिस पर ही हमला हो जाए, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है।
यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि अपराधियों में कानून का डर तेजी से खत्म हो रहा है। अगर अब भी कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और अधिक बेकाबू हो सकते हैं।
अब देखना होगा कि खाकी इस चुनौती का जवाब कितनी सख्ती से देती है।


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