मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

कटनी में हाईकोर्ट के आदेश की खुलेआम अवहेलना! खिरहनी ओवरब्रिज से धड़ल्ले से गुजर रहे भारी वाहन, आमजन की जान खतरे में

कटनी। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा स्पष्ट रोक के बावजूद कटनी शहर के भीतर खिरहनी ओवर ब्रिज से भारी वाहनों का आवागमन थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात के अंधेरे में जुहला बायपास होते हुए भारी वाहन शहर में घुसकर खिरहनी ओवरब्रिज पार कर चांडक चौक तक पहुंच रहे हैं—और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

एडवोकेट यश खरे ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि हाईकोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने बताया कि खिरहनी ओवरब्रिज तथा गर्ग चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में भारी वाहनों की आवाजाही साफ देखी जा सकती है, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।


उल्लेखनीय है कि शहर के भीतर भारी वाहनों पर रोक को लेकर पहले याचिका क्रमांक 18399/2014 में 8 जुलाई 2015 को आदेश पारित हुआ था। आदेश का पालन न होने पर कंटेम्प्ट याचिका क्रमांक 1912/2015 दायर की गई, जिस पर 31 अगस्त 2016 को हाईकोर्ट ने खिरहनी ओवरब्रिज से भारी वाहनों के निकलने पर स्पष्ट प्रतिबंध लगा दिया था।

इसके बावजूद तिलक कॉलेज मोड़ जैसे घनी आबादी वाले रहवासी क्षेत्रों से होकर भारी वाहन गुजर रहे हैं। इससे आम नागरिकों का पैदल और दोपहिया चलना दूभर हो गया है, हर वक्त दुर्घटना का साया मंडरा रहा है।

एडवोकेट यश खरे ने प्रशासन से दो टूक मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेशों का तत्काल और सख्ती से पालन कराया जाए, खिरहनी ओवरब्रिज पर भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह रोकी जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

अब बड़ा सवाल यह है—क्या कटनी प्रशासन अदालत के आदेशों को गंभीरता से लेगा, या फिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही नींद खुलेगी? आमजन जवाब चाहता है।

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