गरीब-महिला-किसान-युवा पर केंद्रित बजट, सबका साथ-सबका विकास की झलक
कटनी। केंद्रीय बजट को लेकर भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष ने इसे आत्मनिर्भर भारत को नई गति देने वाला बताते हुए कहा कि यह बजट गरीब, महिला, किसान और युवा शक्ति पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रस्तुत यह बजट “सबका साथ–सबका विकास” की भावना को साकार करता है और एक समृद्ध, विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम है।पारस जैन ने कहा कि बजट में शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण, कर सुधार और बुनियादी ढांचे को समान रूप से प्राथमिकता दी गई है। उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ाते हुए नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप, बालिका छात्रावास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रस्ताव युवाओं और बेटियों के भविष्य को मजबूत करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से हर जिले में बालिका छात्रावास की घोषणा को ऐतिहासिक बताया।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल
नारियल संवर्धन योजना के माध्यम से उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने, बेकार पेड़ों के स्थान पर नई किस्मों के रोपण और काजू–कोको के लिए विशेष कार्यक्रम से भारत को 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। “भारत विस्तार” नामक बहुभाषी एआई टूल से किसानों को कृषि संसाधनों, पोर्टलों और आईसीएआर की तकनीकों तक एकीकृत पहुंच मिलेगी।
पर्यावरण और अवसंरचना
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर सहित पूर्वी व पश्चिमी घाटों में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय मार्ग विकसित करने तथा ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ प्रजनन स्थलों व मार्गों के विकास से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कर सुधार और राहत
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से प्राप्त ब्याज को आयकर से छूट और टीडीएस समाप्त करने का निर्णय आम नागरिकों के लिए राहतकारी है। आईटीआर-1 व आईटीआर-2 में 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करने की सुविधा, छोटी त्रुटियों पर सजा की जगह शुल्क, और आय छुपाने पर अतिरिक्त टैक्स जैसे प्रावधान छोटे करदाताओं की समस्याएं कम करेंगे। एलआरएस के तहत शिक्षा व चिकित्सा के लिए टीसीएस दर 5% से घटाकर 2% करना भी महत्वपूर्ण कदम है।
राज्यों को सशक्त वित्तीय हिस्सेदारी
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को 41% हिस्सेदारी बरकरार रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 में 14 लाख करोड़ रुपये का आवंटन संघीय ढांचे को मजबूत करेगा।
महिला उद्यमिता और बैंकिंग सुधार
एसएचई (Self-help Entrepreneur) मार्क्स के जरिए महिला उद्यमियों को कम्युनिटी-स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों से जोड़ा जाएगा। बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति और सार्वजनिक क्षेत्र के एनबीएफसी के पुनर्गठन से वित्तीय दक्षता बढ़ेगी।
महंगाई–राहत की तस्वीर
सोलर से जुड़ी वस्तुएं, जूते, बैटरी, माइक्रोवेव ओवन, बायोगैस मिश्रित सीएनजी, कैंसर से जुड़ी 17 दवाइयां और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। वहीं शराब, स्क्रैप और तंबाकू उत्पाद महंगे होंगे।
अंत में पारस जैन ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने वाला है और हर वर्ग के विकास के लिए संतुलित, दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत करता है।

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