थाना या दलाली केंद्र? मुचलके पर रिहाई की कीमत तय करते एएसआई का वीडियो वायरल,
थाने के भीतर रिश्वत का रेट कार्ड, वीडियो ने उधेड़ी खाकी की परतें
कटनी। जिले में कानून का राज और सख्ती के दावों के बीच बहोरीबंद थाना से सामने आया वायरल वीडियो पुलिस तंत्र की साख को ज़मीन पर पटकने के लिए काफी है। वीडियो में थाने में पदस्थ एएसआई संतराम गोटिया आरोपी को मुचलके पर छोड़ने के बदले पैसों की खुलेआम सौदेबाज़ी करते और 5000 व 3000 रुपये लेने की बात खुद स्वीकारते नजर आते हैं। इतना ही नहीं, वह यह कहते भी सुने जा रहे हैं—“पैसों की बात फोन पर थोड़ी ना की जाती है”—यह कथन किसी एक कर्मचारी की नहीं, बल्कि थाने के भीतर पनप चुकी भ्रष्ट मानसिकता का आईना है।
वीडियो ने यह भी उजागर किया है कि निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल है। अगर एक एएसआई कैमरे के सामने इस तरह रिश्वत की बात स्वीकार कर रहा है, तो बिना कैमरे के कितने सौदे रोज़ तय होते होंगे, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं। यह केवल एक अधिकारी का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की सड़ांध है, जो अपराधियों को संरक्षण और आम नागरिक को अपमान दे रही है।
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