ED की कार्रवाई के बाद भी सवाल कायम—आख़िर कौन है ARTO संतोष पाल का ‘आका’?
जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार कोई छिपा हुआ राज नहीं रहा, लेकिन RTO/ARTO संतोष पाल और उनकी पत्नी, परिवहन विभाग की लिपिक रेखा पाल का मामला अब सिस्टम के मुंह पर करारा तमाचा बन गया है। पति–पत्नी ने मिलकर काली कमाई का ऐसा साम्राज्य खड़ा किया, जिसे वर्षों तक सफेदपोश संरक्षण का वरदान मिलता रहा।
कहानी की शुरुआत 10 हजार की मामूली नौकरी से होती है। पहले चपरासी, फिर MPPSC पास कर परिवहन विभाग में ARTO—और पत्नी उसी विभाग में लिपिक। इसके बाद शुरू हुआ फाइलों, लाइसेंस, परमिट और फिटनेस के नाम पर खुलेआम वसूली का खेल।
👉 न गरीब देखा गया, न अमीर—इनकी नजर में हर व्यक्ति सिर्फ काली कमाई का ग्राहक था।
650 गुना काली कमाई की FIR के बावजूद मनचाही पोस्टिंग
सबसे बड़ा और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि EOW में पहले से ही 650 गुना आय से अधिक काली कमाई की FIR दर्ज होने के बावजूद ARTO पाल को न सिर्फ संरक्षण मिला, बल्कि परिवहन मंत्री के प्रभार वाले जिले में तैनाती भी दे दी गई।
यह तैनाती संयोग नहीं, बल्कि सीधे-सीधे राजनीतिक संरक्षण की ओर इशारा करती है।
सवाल साफ है—
👉 जब दाग सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज था, तो मंत्री प्रभार वाले जिले में पोस्टिंग कैसे मिली?
👉 आख़िर कौन है वह सफेदपोश ‘आका’, जिसने दागी अफसर को ढाल बनाकर रखा?
ED का प्रचंड प्रहार, सिस्टम की पोल
अब जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 73 लाख की वैध आय के मुकाबले 4.80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा करते हुए 3.38 करोड़ की संपत्ति PMLA के तहत अटैच कर दी है, तो पूरा भ्रष्ट तंत्र कटघरे में खड़ा हो गया है।
जांच में सामने आया कि EMI से ठीक पहले नकद जमा कर अवैध धन को सफेद किया गया—यानी मनी लॉन्ड्रिंग का सुनियोजित खेल।
मनचाही पोस्टिंग का ‘बेताज बादशाह’
सूत्रों का दावा है कि ARTO संतोष पाल मनचाही पोस्टिंग का बेताज बादशाह बन चुका था। FIR, शिकायतें और जांच—सब बेअसर रहीं। वजह साफ मानी जा रही है—
👉 ऊपर तक मजबूत पकड़ और सफेदपोशों की छत्रछाया।
सिर्फ कार्रवाई नहीं, जवाब चाहिए
ED की कार्रवाई ने पति–पत्नी की काली कमाई को तो बेनकाब कर दिया, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी जिंदा है—
👉 आख़िर उस सफेदपोश ‘आका’ पर कार्रवाई कब होगी?
👉 क्या यह मामला भी छोटे चेहरों तक सीमित कर दिया जाएगा, या संरक्षण देने वालों की भी बारी आएगी?
जनता अब सिर्फ खबर नहीं, पूरा सच और जवाबदेही चाहती है।

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