रविवार, 5 अक्टूबर 2025

सेना के जवान पर हमला करने वाले 15 दिन बाद सलाखों के पीछे, हीरा ढाबा कांड के 6 उपद्रवी गिरफ्तार !

झिंझरी के हीरा ढाबा में आधी रात मचाया था आतंक, तोड़फोड़ और मारपीट से थर्रा उठा इलाका

कटनी। सरहद पर देश की रक्षा करने वाले सैनिक को शहर के भीतर ही दबंगों के कहर का शिकार होना पड़ा। 21 सितंबर की रात 12:30 बजे गुलवारा बायपास स्थित हीरा ढाबा में गनियारी निवासी आर्मी जवान शरद तिवारी और उनके साथी व्यापारी वीरेन्द्र सराफ पर आधा दर्जन उपद्रवियों ने बेरहमी से हमला कर दिया। जवान और व्यापारी की पिटाई के साथ ही ढाबे में जमकर तोड़फोड़ मचाई गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने संगीन अपराध के बाद भी पुलिस ने रातभर आंखें मूँद रखीं। घटना की कायमी तत्काल करने के बजाय कई घंटों की देरी कर दी गई। फरियादी जब थाने-चौकी में भटकते-भटकते थक गए और सीधे पुलिस कप्तान के दरवाजे पहुंचे, तब जाकर पुलिस हरकत में आई। सवाल लाजिमी है कि—क्या पुलिस दबंगों को बचाने में लगी थी?

पुलिस का ढुलमुल रवैया अपनाने के बाद आखिरकार जनता के गुस्से और दबाव ने पुलिस को मजबूर किया और उन्होंने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया।


गिरफ्तार आरोपी

  1. विवेक तिवारी पिता ओमप्रकाश तिवारी (27 वर्ष), निवासी आधारकाप
  2. प्रियांशु रजक पिता राजेन्द्र रजक (25 वर्ष), निवासी चाण्डक चौक
  3. शुभम उर्फ सुम्मी दुबे पिता राकेश दुबे (22 वर्ष), निवासी आधारकाप
  4. हर्ष तोमर पिता बालकृष्ण तोमर (24 वर्ष), निवासी आधारकाप
  5. राहुल रजक पिता दीनदयाल रजक (28 वर्ष), निवासी आधारकाप
  6. नितिन निषाद पिता कन्हैयालाल निषाद (19 वर्ष), निवासी आधारकाप

जनता का सवाल

लोगों का कहना है—अगर पीड़ित सेना का जवान न होता, तो क्या पुलिस की नींद और लंबी खिंचती?
शहर में यह मामला पुलिस की लेटलतीफी और ढुलमुल रवैये का एक और जीता-जागता उदाहरण बनकर सामने आया है।


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