पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चल रही कार्रवाई के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में बिलहरी चौकी टीम ने यह सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपी अभिषेक नार्कर (25) को मुंबई के अंधेरी ईस्ट इलाके से पकड़ा गया।
क्या है पूरा मामला
रोशन नगर निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि एक शिक्षा समिति को डोनेशन दिलाने के नाम पर आरोपी जीशान ने संस्था का बैंक खाता हासिल किया। इसी खाते के जरिए साइबर ठगी के 4.26 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अभिषेक नार्कर को उसके साथियों ने केवल मोबाइल लेकर होटल में रुकने का काम दिया था। इसके बदले उसे 15 हजार रुपये साप्ताहिक और 60 हजार रुपये मासिक देने का लालच दिया गया। उसी मोबाइल के जरिए ठगी की रकम खातों में ट्रांसफर की जाती थी।
अंतरराज्यीय गैंग से जुड़े तार
पूछताछ में सामने आया कि इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार हैं, जिन पर देशभर में करीब 54 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। दोनों फिलहाल फरार हैं और उनके दुबई में होने की जानकारी मिली है। मुंबई पुलिस द्वारा इनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया है।
कड़ी धाराओं में केस दर्ज
थाना कुठला में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही, जिनकी सराहना की जा रही है।
कटनी पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा संदेश है कि अब केवल ठग ही नहीं, बल्कि उनके नेटवर्क में सहयोग करने वाले भी कानून के शिकंजे से नहीं बचेंगे।

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