कटनी। पुलिस अधीक्षक, कटनी ने शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित ‘अर्दली रूम’ में अनुशासनहीनता और लापरवाही के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 10 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की। विभागीय जांच और प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के बाद एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि कर्तव्य में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान कई मामलों में दोषी पाए गए प्रधान आरक्षक और आरक्षक वर्ग के कर्मचारियों की एक-एक वेतन वृद्धि (असंचयी प्रभाव से) रोक दी गई। वहीं बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले एक थाना स्तर के अधिकारी पर भी यही कार्रवाई की गई।
न्यायालयीन प्रकरणों की विवेचना में लापरवाही बरतने वाले दो उप-निरीक्षकों पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा विभागीय जांच को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर एक लाइन पदस्थ अधिकारी को भी 5 हजार रुपए का आर्थिक दंड भुगतना पड़ा।
सबसे कड़ी कार्रवाई एक उप-निरीक्षक पर की गई, जिसने नाबालिग बालिका की दस्तयाबी के मामले में थाना प्रभारी के निर्देशों की अवहेलना की और वैधानिक प्रक्रिया में लापरवाही बरती। साथ ही वरिष्ठ अधिकारी से अमर्यादित व्यवहार को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उसके एक माह के वेतन का 50 प्रतिशत काटने का आदेश दिया गया।
इसके अलावा शासकीय गोपनीयता भंग करने के मामले में एक उप-निरीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है। वहीं जांच लंबित रखने वाले चौकी प्रभारियों और विशेष ड्यूटी से नदारद रहने वाले प्रधान आरक्षकों की सेवा पुस्तिका में निंदा प्रविष्टि दर्ज की गई।
एसपी का साफ संदेश:
अर्दली रूम के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने दो टूक कहा कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है। जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध निराकरण और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर भविष्य में निलंबन या सेवा समाप्ति जैसी कठोर कार्रवाई से भी परहेज नहीं किया जाएगा।
“पुलिस का दायित्व जनता की सेवा और कानून का शासन स्थापित करना है, इसमें किसी भी तरह की शिथिलता अक्षम्य है।” – पुलिस अधीक्षक, कटनी

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