सादगी और न्याय का पर्याय थे के.के. वर्मा
स्वर्गीय श्री वर्मा अपने लंबे न्यायिक जीवन में ईमानदारी, निष्पक्षता और सादगी की जीवंत मिसाल रहे। न्यायपालिका में उनकी पहचान एक ऐसे न्यायाधीश के रूप में थी, जिनके फैसलों में संवेदनशीलता और न्याय की स्पष्ट झलक दिखाई देती थी। उन्होंने अपने पूरे जीवन में सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
वे केवल एक न्यायाधीश ही नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और आदर्श व्यक्तित्व भी थे। उनके व्यक्तित्व में विनम्रता, अनुशासन और सेवा भावना का अद्भुत संगम दिखाई देता था। यही कारण है कि शहर का हर वर्ग उनका सम्मान करता था।
प्रतिष्ठित एवं सेवाभावी परिवार छोड़ गए पीछे
श्री के.के. वर्मा अपने पीछे एक प्रतिष्ठित और सेवाभावी परिवार छोड़ गए हैं। वे जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज जस्टिस अनिल वर्मा, डॉ. दिलीप वर्मा एवं राजेश वर्मा के पूज्य पिता थे। साथ ही वे सतना नगर निगम के महापौर योगेश ताम्रकार एवं डॉ. सुनीता वर्मा के ससुर थे।
श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब
उनके निधन की सूचना मिलते ही ताम्रकार समाज, अधिवक्ता संघ, सामाजिक संगठनों और शहर के गणमान्य नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके निवास पहुंचे और श्रद्धासुमन अर्पित कर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
ताम्रकार समाज ने इसे समाज की अपूर्णीय क्षति बताते हुए कहा कि श्री वर्मा का जाना केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरा आघात है।
State 24 News की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि
न्याय, सादगी और आदर्श जीवन के प्रतीक रहे श्री के.के. वर्मा को State 24 News परिवार भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

1 टिप्पणी:
भावपूर्ण श्रद्धा सुमन🙏🙏🌷
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