सोमवार, 30 मार्च 2026

कटनी पुलिस में ‘चयनात्मक सख्ती’ का खेल? एक पर गाज, दूसरे पर मेहरबानी!

कटनी पुलिस में ‘डबल स्टैंडर्ड’ का बड़ा खुलासा: बहोरीबंद में फौरन गाज, राहुल पांडेय पर अब भी खामोशी!

कटनी। जिले की पुलिस व्यवस्था में कार्रवाई के अलग-अलग पैमाने अब खुलकर सामने आ रहे हैं। एक तरफ बहोरीबंद थाना प्रभारी अखिलेश दहिया को अधीनस्थों पर नियंत्रण न रखने और कदाचार की शिकायतों पर तुरंत लाइन हाजिर कर दिया गया, वहीं दूसरी तरफ यातायात थाना प्रभारी राहुल पांडेय पर बार-बार गंभीर आरोपों और पुलिस मुख्यालय (PHQ) के स्पष्ट आदेशों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।



बहोरीबंद में सख्ती, त्वरित एक्शन

बहोरीबंद क्षेत्र में पुलिसकर्मियों द्वारा वसूली और कदाचार की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। राजपत्रित अधिकारियों से कराए गए सत्यापन में अधीनस्थों पर नियंत्रण का अभाव पाया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने बिना देर किए थाना प्रभारी अखिलेश दहिया को हटा दिया।



राहुल पांडेय: पुरानी फाइलें भी ‘दफन’

राहुल पांडेय का मामला नया नहीं है। वर्ष 2024 में नगर पुलिस अधीक्षक ख्याति मिश्रा द्वारा की गई जांच में यह साफ पाया गया था कि वे बिना अनुमति बार-बार जिले से गायब रहते थे

जांच में सामने आया कि करीब 6.5 महीनों में 338 घंटे (लगभग 17 दिन) तक उनकी लोकेशन जिले से बाहर रही।


लेकिन सवाल यह है—जब आरोप सिद्ध थे, तो कार्रवाई कहां गई? फाइल आखिर किसने दबाई?


अब थाईलैंड यात्रा, फिर भी चुप्पी

ताजा मामला और भी गंभीर है।
राहुल पांडेय द्वारा बिना अनुमति थाईलैंड यात्रा किए जाने पर शिकायत सीधे भोपाल पुलिस मुख्यालय पहुंची।

PHQ ने इस पर स्पष्ट अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए।
लेकिन हैरानी यह है कि हफ्तों बीतने के बाद भी जिले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।



उठते तीखे सवाल

  • क्या पुलिस विभाग में ‘चयनात्मक सख्ती’ चल रही है?
  • क्या छोटे पदों पर तुरंत कार्रवाई और प्रभावशाली मामलों में ढिलाई?
  • क्या PHQ के आदेश भी नजरअंदाज किए जा रहे हैं?

कप्तान की चुप्पी पर सवाल

अब पूरा मामला जिले के कप्तान अभिनय विश्वकर्मा की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।
जब:
✔️ पुराने आरोप पहले ही सिद्ध हो चुके हैं
✔️ नए गंभीर उल्लंघन सामने हैं
✔️ PHQ के स्पष्ट निर्देश भी मौजूद हैं

तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?


सिस्टम पर उठता भरोसे का संकट

एक तरफ बहोरीबंद में त्वरित कार्रवाई से सख्ती का संदेश, दूसरी तरफ राहुल पांडेय मामले में लगातार चुप्पी—यह तस्वीर पुलिस विभाग की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सीधा सवाल है।

👉 अब देखना यह होगा—क्या इस बार भी फाइल दबेगी, या फिर नियमों के अनुसार कार्रवाई कर ‘सिस्टम’ को साफ संदेश दिया जाएगा?

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