सड़क पर बहा खून, बदमाश बेखौफ… आखिर किसके भरोसे सुरक्षित है शहर?
कटनी। कुठला थाना क्षेत्र का इन्द्रानगर शनिवार देर रात उस वक्त दहशत में बदल गया, जब कुत्तों को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी चाकूबाजी में तब्दील हो गया। बीच सड़क हुए इस हमले ने न सिर्फ इलाके में सनसनी फैला दी, बल्कि शहर की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक सरला नगर निवासी उत्तम लौहार अपने साथियों के साथ बाइक से जा रहा था। इसी दौरान इन्द्रानगर गली नंबर-3 में विवाद शुरू हुआ। पहले गाली-गलौज हुई, फिर मारपीट और देखते ही देखते बदमाशों ने चाकू निकाल लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला बेहद आक्रामक था और ऐसा लग रहा था मानो हमलावर किसी भी कीमत पर युवक को छोड़ना नहीं चाहते थे।
घटना के बाद कुठला पुलिस ने आरोपी और को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चाकू जब्त करने का दावा भी किया है।
लेकिन असली सवाल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस “बेखौफ अपराधी मानसिकता” का है जो लगातार शहर में बढ़ती नजर आ रही है। अगर आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था, तो आखिर वे खुलेआम हथियार लेकर घूम कैसे रहे थे? क्या पुलिस की निगरानी सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गई है?स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्द्रानगर, शंकर टाकीज और आसपास के इलाकों में रात होते ही असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। कई जगहों पर देर रात तक हुड़दंग और विवाद आम बात बन चुके हैं, लेकिन पुलिस गश्त अक्सर नदारद दिखाई देती है। यही वजह है कि अब छोटी-छोटी कहासुनी भी सीधे जानलेवा हमलों में बदलने लगी है।
शहर में यह चर्चा भी तेज है कि पुलिस हर बड़ी घटना के बाद “त्वरित कार्रवाई” का दावा जरूर करती है, लेकिन अपराध रोकने की जमीनी तैयारी आखिर कहां है? अगर समय रहते बदमाशों पर सख्ती और निगरानी होती, तो शायद यह खूनी वारदात टाली जा सकती थी।


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