अजाक्स जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह धुर्वे ने आरोप लगाया कि अमदरा से अनुसूचित जाति परिवार की आई बारात पर पुलिस और कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें 14 से 15 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं, पुरुष और नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। घायलों का उपचार सिविल अस्पताल में जारी है।
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा बिना ठोस कारण लाठीचार्ज किया गया, जिससे कई निर्दोष लोगों को गंभीर चोटें आईं, हाथ तक फ्रैक्चर हो गए और शादी का माहौल दहशत में बदल गया। इस घटना से पूरे समाज में भय और आक्रोश का माहौल है।
अजाक्स की दो टूक मांगें
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि—
- सिविल ड्रेस में मारपीट करने वालों की पहचान कर तत्काल FIR दर्ज हो
- लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए
- लाइन अटैच किए गए पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए
- पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
- पीड़ित पक्ष पर दर्ज प्रकरण वापस लिया जाए
आंदोलन की चेतावनी
अजाक्स ने साफ कहा है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करेगा। साथ ही मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, मध्यप्रदेश शासन और भारत सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
पुलिस पर गंभीर सवाल
घटना के बाद पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष राहुल चौधरी एवं अन्य पर मुकदमा दर्ज किए जाने को अजाक्स ने “दूषित मानसिकता” करार दिया है। संगठन का कहना है कि मार खाने वाले ही आरोपी बना दिए गए, जो न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।




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