कटनी। जिले में जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने साफ शब्दों में कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन-आंदोलन बनना चाहिए। इसके लिए सभी विभाग तय लक्ष्यों के अनुसार काम करें और जमीनी स्तर पर परिणाम दें।
बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कई विभागों की प्रगति पर नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी गतिविधियों की जानकारी एकीकृत डैशबोर्ड में तत्काल दर्ज कराएं।
कलेक्टर ने वन विभाग को तालाब और सोंसर निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण कराने, उच्च शिक्षा विभाग को नए कॉलेज भवनों में शत-प्रतिशत रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। वहीं उद्यानिकी विभाग को पौधारोपण और फलदार पौधों के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।
उद्योग विभाग को कम से कम 10 औद्योगिक इकाइयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराने और प्लांटेशन कार्य तेज करने की ताकीद की गई। पीएचई विभाग को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 अप्रैल तक वॉटर टेस्टिंग लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश मिले।
स्कूल शिक्षा विभाग को सभी स्कूलों की पानी की टंकियों की शत-प्रतिशत सफाई कराने के निर्देश दिए गए। वहीं नगरीय निकायों को युवाओं को अमृत मित्र बनाकर माय भारत पोर्टल पर पंजीयन कराने, नाले-नालियों की सफाई, प्याऊ स्थापना, सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्र विकास के कामों में तेजी लाने को कहा गया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार, वन मंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्रा सहित अन्य अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।
कलेक्टर ने साफ संकेत दिए कि जल संरक्षण में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी और हर विभाग को तय समय में लक्ष्य पूरा करना ही होगा।

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