कटनी। शहर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न कानून का डर है, न पुलिस का खौफ। ईमानदार पुलिस कप्तान की छवि के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि अपराधी खुलेआम खून बहा रहे हैं और सिस्टम मूकदर्शक बना हुआ है।
नदीपार इलाके में रविवार रात करीब 8 बजे एक बार फिर सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां कांग्रेस नेता रमेश अहिरवार (54) पर सूजल अहिरवार, ओम कचेर और दीपक कचेर ने पुरानी रंजिश के चलते जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और रमेश को लहूलुहान हालत में मौत के मुहाने पर छोड़कर फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल रमेश को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
लेकिन इस पूरे मामले का सबसे डरावना पहलू यह है कि यही आरोपी एक माह पहले रमेश के बेटे देवेंद्र अहिरवार पर भी हमला कर चुके थे। उस वक्त अगर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की होती, तो शायद आज यह दूसरी वारदात नहीं होती।
क्या पुलिस की लापरवाही ने अपराधियों को खुली छूट दे दी?
इन सवालों के बीच नदीपार क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
स्थानीय लोग अब खुलकर कह रहे हैं—अगर अपराधियों पर समय रहते लगाम नहीं लगी, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है—

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