कटनी।नगर निगम परिसर में अचानक उठती लपटें, धुएं का गुबार और अफरा-तफरी का माहौल… देखने वालों को लगा मानो कोई बड़ा हादसा हो गया हो। लेकिन यह कोई वास्तविक आगजनी नहीं, बल्कि गर्मियों में बढ़ती आग की घटनाओं से निपटने के लिए किया गया एक सुनियोजित मॉकड्रिल अभ्यास था।
गर्मी का मौसम आते ही आग लगने की घटनाएं आम हो जाती हैं। ऐसे में नगर निगम कटनी ने सतर्कता दिखाते हुए खुद अपनी तैयारियों की पोल खोलने और सुधारने के लिए यह अभ्यास किया। जैसे ही “आग लगने” की सूचना दी गई, मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाते हुए पहुंचीं और तत्काल मोर्चा संभाल लिया।
फायर टीम ने कुछ ही मिनटों में पानी की तेज धारों से “आग” पर काबू पाने का प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने, उपकरणों के इस्तेमाल और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
हालांकि सवाल भी खड़े होते हैं—
क्या यही तत्परता वास्तविक हादसे के वक्त भी दिखेगी?
क्या शहर के बाकी इलाकों में भी ऐसी ही तैयारी है या सिर्फ कागजों तक सीमित है?
नगर निगम का दावा है कि यह मॉकड्रिल शहर में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन जमीनी हकीकत में हर साल बढ़ती आग की घटनाएं सिस्टम की चुनौतियों को भी उजागर करती हैं।
फिलहाल राहत की बात यह है कि कटनी में सिस्टम अलर्ट मोड में है—अब देखना होगा कि यह तैयारी असली आग की परीक्षा में कितनी कारगर साबित होती है।

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