कटनी। इंद्रानगर में शादी की खुशियां मातम में बदलने के बाद मामला अब और तूल पकड़ गया है। दलित परिवार ने खाकी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण थाना पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी है। परिवार का आरोप है कि शादी समारोह के बीच पुलिसकर्मी घर में घुसे, जातिसूचक गालियां दीं और महिलाओं-बच्चों तक को नहीं बख्शा।
शिकायतकर्ता सुमन चौधरी ने आवेदन में कहा है कि 20 अप्रैल की रात बहन का विवाह समारोह चल रहा था, बारात दरवाजे पर थी, तभी पुलिसकर्मी और कुछ अन्य लोग दबिश देते हुए पहुंचे और लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए हंगामे से शादी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।
परिवार का दावा है कि घर के अंदर मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक को पीटा गया। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और बेइज्जत करने के आरोप भी लगाए गए हैं। आवेदन में कई पुलिसकर्मियों के नाम दर्ज कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
पीड़ित पक्ष ने कहा कि घटना के वीडियो भी मौजूद हैं, जो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने ला सकते हैं। परिवार ने आरोपियों पर एससी/एसटी एक्ट, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
यह मामला सामने आने के बाद कटनी पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शादी समारोह में अगर वर्दी का डंडा चला है, तो जवाबदेही तय होना तय माना जा रहा है। अब नजर प्रशासन पर है कि वह शिकायत को दबाता है या दोषियों पर कानून का डंडा चलाता है।



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें